तानाजि फिल्म संवाद
*कोंढाणे पे कब्जा बल्की पुरी दख्खन भारत पें कब्जा.
*तलवार अगर अपनी हाथो से बनाई होतो दुगना विश्वास बढता है|
*मैं तो तुम्हे विरासत में कर्ज देकर जा रहा हुँ
*तलवार बजली जैसी चलनी चाहिए. तेरी तो ढाल में भी तलवार जैसी धार है |
*किल्ला कितना भी मजबुत हो रसद नहीं तो कुछ काम का नहीं|
*करार का कपडा भगवा है, इसे संभालकर रखना.बेशक खान. जब तक किल्ले पर भगवा नहीं लहरायेगा तब तक हम जुते नहीं पेहने गे. मुघल के नाम जुते भी किये.
*लाख मरे तो भी चलेगा लाखों के पालन हार को कुछ भी ना हो.
*हर सुख हर खुशी से बडा है स्वराज्य , ईस सुदामा के लिय कृष्णके आँसु बहुत किमती है | जब तक यें आँसु बहेगे तब तक तानाजी का खुँन बहेगा.
हमने तुमपे वार किया तो तुमने तुम्हारा दाईना हाथ आगे किया सिना नहीं | जब भी कोई संकट आये सिना तानके खडे नहीं रहते. अपना दाहिना हाथ को आगे करो लेकीन इसबार में अपना दाहिना हाथ आगे नहीं कर सकता. क्या उसके बेटे की शादी स्वराज्य से बढकर है| क्या बेटेकी शादी मराठाओ के भगवे सी भी बढंकर है | क्या बेटे की शादी ईतनी बडी है | एक राजा से अपने सेवक को, एक दोस्त को अपने दोस्त से झुँठ बोलना पडे|
ईतनी बडी है शादी. की रायरेश्वर के शंकर को साक्षी मानकर जो शपथ ली थी सात जियेगे सात मरेंगे सुख को दुख को साथ में सहेंगे.
*जीते जी लेहरायेगे भगवा मरेंगे तो उसमें लिपटकर जायेगे उसे तोडना पडे.
*कोंढाणे की मोहिम तानाजी के नाम होंगी. आपभी तो हमारे बेटे है |
आप के एक बेटे ने आपके लिय स्वराज्य खडा कर दिया, दुसरे बेटे को कमसे कम जुते पेहनानेका मौका तो दे.
यशस्वी भव , जंगदब
लेहरा दो भगवा करदो ऐलान पेहले शादी कोंढाणा की फिर मेरे रायबा की.
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