मेरी कायरी मेरी शायरी

*मेरी कायरी मेरी शायरी*

छोड आते यार हम उसे इटली.

लेकिन बताया नही उस  तितलीने.

दिला देते उसको हम उसका सच्चा प्यार.
पर उसने हम से उसे मांगा ही  नहीं.

उसके लिए सारे जमाने से लढ जाते .
पर उसने हमे कभी अपना समझाही नहीं.

प्यारमें खाईथी उसने बहुत जोर से ठोकर .
पर वो ठाकर खाके फिसलीही नहीं.

करते हम उसकी हजारो गुन्हाको माफ ,
पर वो खुद को गुन्हागार समझतीही नहीं.

करते  उसकी हजारो ख्वाईशे पुरी हम.
पर वो हमसे कोई ख्वाईश रखतीही नहीं.

दिलाते  उसको उसका सच्चा प्यार हम
पर वो सच्चा प्यार करतीही नहीं।

उसे खुश रखने के लिय बन जाते है हम जोकर.
पर वो सचमुछ का हमेही समझती है जोकर.

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